*ग़ज़ल*
अपने लोगों से प्यार करो।
घर की दहलीज न पार करो।।
प्यार लुटा कर के बच्चों पर
आँगन अपना गुलज़ार करो।
तुम न मिलाओ हाथ किसी से
बस दूर से नमस्कार करो।।
मानो सरकार जो कहती है
न अनसुनी मेरे यार करो।।
अच्छा अवसर है खुशियों का
अपनी सबसे इज़हार करो।।
प्रश्न है ये सबकी सेहत का
तुम खुद को ना बीमार करो।।।
✍जितेंद्र सुकुमार 'साहिर '
शायर
'उदय आशियाना 'चौबेबांधा (राजिम)
पोस्ट बरोंडा जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़ )493885
व्हाट्सएप नंबर 90091 87981
9827345298
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