Friday, March 27, 2020

ग़ज़ल

*ग़ज़ल*
अपने लोगों से प्यार करो।
घर की दहलीज न पार करो।।

प्यार लुटा कर के बच्चों पर
आँगन अपना गुलज़ार करो।

तुम न मिलाओ हाथ किसी से
बस दूर से नमस्कार करो।।

मानो सरकार जो कहती है
न अनसुनी मेरे यार करो।।

अच्छा अवसर है खुशियों का
  अपनी सबसे इज़हार करो।।

प्रश्न है ये सबकी सेहत का
तुम खुद को ना बीमार करो।।।

✍जितेंद्र सुकुमार  'साहिर '
       शायर
 'उदय आशियाना 'चौबेबांधा (राजिम) 
पोस्ट बरोंडा जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़ )493885
व्हाट्सएप नंबर 90091 87981
9827345298

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