Wednesday, April 15, 2020

गज़ल

कैसी अंधी उड़ान है प्यारे ।
तेरी मुश्किल में जान है प्यारे ।।

जिसने भी है कहा कहा है सच
जान है तो जहान है प्यारे।।

नासमझ की तरह तू बात न कर
खतरे में जब जहान है प्यारे ।

लगता है वक़्त ने सताया है, 
चेहरे पे क्यूँ थकान है प्यारे ।

ज़िंदगी मुल्क पर फ़ना कर दी,
आदमी वो महान है प्यारे ।

बाअदब जाना बज़्म में उसकी
उसकी तीखी ज़बान है प्यारे 

वायरस से ये धरती काँप रही, 
रो रहा आसमान है प्यारे

लड़ रही जिस बला से ये दुनिया,
उसकी जड़ तो वुहान है प्यारे

✍जितेंद्र सुकुमार  'साहिर '
       शायर
 'उदय आशियाना 'चौबेबांधा (राजिम) 
पोस्ट बरोंडा जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़ )493885
व्हाट्सएप नंबर 90091 87981
9827345298

No comments:

Post a Comment